छत्तीसगढ़

सड़क दुर्घटना में महिला घायल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लिया संज्ञान

Shantanu Roy
7 Oct 2025 11:01 PM IST
सड़क दुर्घटना में महिला घायल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने लिया संज्ञान
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छग
Kondagaon. कोण्डागांव। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव किरण चतुर्वेदी ने हाल ही में प्रकाशित समाचारों पर संज्ञान लिया है। इन समाचारों में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 (एनएच-30) की खराब स्थिति और उससे उत्पन्न हो रही दुर्घटनाओं का उल्लेख किया गया था। एनएच-30 की सड़क की खस्ता हालत को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा और चिंता देखी जा रही है। हाल ही में हुई एक सड़क दुर्घटना में एक महिला को ट्रक की चपेट में आने से गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण इलाज के दौरान उसके एक हाथ को काटना पड़ा। घटना के समय महिला अपनी बेटी का इलाज कराने के लिए केशकाल स्वास्थ्य केंद्र जा रही थी। लौटते समय वह भोजन लेकर मोटरसाइकिल पर थी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों और असमान सतह के कारण मोटरसाइकिल असंतुलित हो गई और महिला ट्रक से टकरा गई। घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर चोटों के कारण उसके हाथ को काटना पड़ा। इस घटना के बाद तालुका विधिक सेवा समिति केशकाल ने पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की। इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोण्डागांव के माध्यम से पीड़िता के लिए क्षतिपूर्ति आवेदन प्रस्तुत किया गया। समिति ने प्रशासन से अनुरोध किया कि महिला को न्याय और उचित मुआवजा दिलाया जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एनएच-30 के कई हिस्सों में सड़क पूरी तरह से टूट चुकी है, जिससे आवागमन में कठिनाई हो रही है और दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक ग्रामीण ने बताया कि “सरकार ने सड़क का नाम राष्ट्रीय राजमार्ग रखा है, लेकिन उसकी हालत गांव की गलियों से भी खराब है। ना कोई साइन बोर्ड है, ना पर्याप्त रोशनी, और अब तो आम लोगों की जान भी खतरे में है।”
ग्रामीणों ने जल्द से जल्द मरम्मत और सुधार कार्य शुरू करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने पीड़िता को न्याय दिलाने और अन्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की अपील की। अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव किरण चतुर्वेदी ने संबंधित समाचारों और घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन को आवश्यक कार्यवाही करने और क्षतिपूर्ति के प्रावधानों के तहत निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि पीड़िता को उचित मुआवजा दिया जाए और सड़क की स्थिति को सुधारने के लिए तकनीकी और अनुबंधीय पक्षों का अध्ययन किया जाए।
इसके साथ ही अधिवक्ता संघ ने सड़क की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। प्राधिकरण के अध्यक्ष ने इस अनुरोध को स्वीकार किया है। रिपोर्ट तकनीकी और अनुबंधीय तथ्यों के आधार पर तैयार की जाएगी, ताकि न्यायिक और विधिक कार्यवाही पूरी तरह से सुनिश्चित हो सके। विधिक विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क की खस्ता हालत केवल स्थानीय परिवहन के लिए खतरा नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में यातायात सुरक्षा और जीवन-धमकी की गंभीर समस्या है। एनएच-30 जैसे प्रमुख राजमार्ग पर सुधार कार्य की अनिवार्यता को देखते हुए प्राधिकरण ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मरम्मत कार्य में कोई देरी न हो। स्थानीय लोगों ने भी प्राधिकरण से कहा कि सड़क की नियमित देखरेख और सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए, जैसे कि गड्ढों की समय पर भराई, संकेत बोर्ड की स्थापना और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि को रोकने के लिए सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इस प्रकार,
कोण्डागांव
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने एनएच-30 की खराब स्थिति और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के प्रति संज्ञान लेकर पीड़ित महिला के लिए न्याय और क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, यह कदम भविष्य में सड़क सुरक्षा सुधार और स्थानीय जनता की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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